देहरादून (उत्तराखंड):- रुद्रपुर से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां कक्षा पांच का एक छात्र परीक्षा देने स्कूल आया था, लेकिन उसे स्कूल के मिड-डे मील के लिए गैस सिलेंडर लेने भेज दिया गया।
छात्र पूरी स्कूली ड्रेस में गैस एजेंसी पर लाइन में खड़ा था, जबकि शिक्षक स्कूल में ही मौजूद थे। इस घटना ने स्थानीय लोगों और अभिभावकों में नाराजगी और चिंता दोनों पैदा कर दी है।
विशेषज्ञों और शिक्षा अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह घटना बच्चों के अधिकार और सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर है। एक छात्र को शैक्षणिक वातावरण के बजाय बाहरी काम पर भेजना पूरी तरह अनुचित माना जा रहा है।
स्कूल प्रशासन की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं और अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की संभावना जताई गई है। अभिभावक भी मांग कर रहे हैं कि ऐसे हालात दोबारा न बने और बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई पर ध्यान दिया जाए।
यह मामला शिक्षा व्यवस्था में बच्चों के अधिकार और शिक्षक जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।