नई दिल्ली :- भारतीय स्क्वैश के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी सौरव घोषाल ने 2028 ओलंपिक में स्क्वैश को शामिल किए जाने को एक ऐतिहासिक और निर्णायक क्षण बताया है। उनका मानना है कि यह कदम न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में इस खेल को नई पहचान देगा।
घोषाल ने कहा कि भारत में स्क्वैश का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस समय भारत के चार खिलाड़ी दुनिया के टॉप 50 में हैं और युवा प्रतिभा अनाहत सिंह टॉप 20 में अपनी जगह बना चुकी हैं। उनके अनुसार सफलता से सफलता मिलती है और यही पूरे खेल तंत्र को मजबूत बनाता है।
उन्होंने अनाहत सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि उनके पास प्रतिभा, मजबूत मानसिकता और बेहतरीन सपोर्ट सिस्टम है। अगर वह इसी तरह आगे बढ़ती रहीं तो भविष्य में टॉप 10 में स्थायी जगह बना सकती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कम उम्र में उन पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए और उन्हें अपने खेल का आनंद लेना चाहिए।
घोषाल ने जोर देकर कहा कि ओलंपिक दुनिया का सबसे बड़ा खेल मंच है और स्क्वैश का इसमें शामिल होना इस खेल की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2028 ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ी 16 खिलाड़ियों की सूची में जगह बनाकर शानदार प्रदर्शन करेंगे।
उनके मुताबिक अब जरूरत है कि स्क्वैश तक पहुंच बढ़ाई जाए, बेहतर कोचिंग दी जाए और पूरे खेल तंत्र को मजबूत किया जाए ताकि आने वाले समय में भारत इस खेल में बड़ी ताकत बन सके।