Health tips :- क्या आपकी फास्टिंग शुगर 94 है और आपको लगता है कि आप पूरी तरह सुरक्षित हैं तो यह सोच थोड़ा भ्रमित कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार केवल एक रिपोर्ट के आधार पर खुद को पूरी तरह स्वस्थ मान लेना सही नहीं होता।
अपोलो अस्पताल के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ सुधीर कुमार के अनुसार फास्टिंग शुगर का नॉर्मल होना यह गारंटी नहीं देता कि आपको शुगर नहीं है या भविष्य में नहीं होगा। शरीर में शुगर कंट्रोल एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें कई फैक्टर काम करते हैं।
डॉक्टर बताते हैं कि कई बार फास्टिंग शुगर सामान्य रहती है लेकिन भोजन के बाद शुगर लेवल तेजी से बढ़ जाता है जिसे पोस्टप्रांडियल शुगर कहते हैं। इसी तरह HbA1c टेस्ट भी लंबे समय के शुगर लेवल का सही संकेत देता है जो असली स्थिति को उजागर कर सकता है।
इसके अलावा जीवनशैली भी एक बड़ा कारण है। अगर आपकी दिनचर्या में फिजिकल एक्टिविटी कम है तनाव ज्यादा है और खानपान असंतुलित है तो भविष्य में डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है चाहे अभी आपकी रिपोर्ट सामान्य ही क्यों न हो।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नियमित जांच संतुलित आहार और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है। केवल एक टेस्ट के भरोसे रहने के बजाय पूरी स्वास्थ्य स्थिति को समझना ज्यादा महत्वपूर्ण है।इसलिए अगर आपकी फास्टिंग शुगर नॉर्मल है तब भी सतर्क रहें और समय समय पर पूरी जांच करवाते रहें ताकि किसी भी खतरे को समय रहते रोका जा सके।