ईरान की बड़ी धमकी: अमेरिका ने पावर प्लांट पर हमला किया तो होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद, क्षेत्रीय ऊर्जा-जल संरचनाओं पर हमला! नेतन्याहू ने ईरान को नेस्तनाबूद करने की कसम खाई

ईरान :- ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसके पावर प्लांट पर हमला हुआ तो होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद कर देगा और क्षेत्रीय एनर्जी, वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले करेगा। इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ईरान को पूरी तरह नष्ट करने का वादा किया।

तेज़ी से बढ़ रहा मध्य पूर्व संकट

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव अब चरम पर पहुँच गया है। ईरान की सेना ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि अगर अमेरिका उसके पावर प्लांट्स पर हमला करता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और यह तब तक नहीं खोला जाएगा जब तक ईरान के क्षतिग्रस्त पावर प्लांट्स की मरम्मत नहीं हो जाती।

ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और खातम अल-अंबिया कमांड ने कहा है कि ऐसी स्थिति में क्षेत्रीय ऊर्जा संयंत्रों, जल डिसेलिनेशन प्लांट्स (पानी शुद्धिकरण संयंत्र), और अमेरिकी सैन्य अड्डों को बिजली सप्लाई करने वाली इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर हमले किए जाएंगे। ईरान ने इजरायल के पावर प्लांट्स और उन देशों की सुविधाओं को भी निशाना बनाने की बात कही है जहाँ अमेरिकी बेस हैं या अमेरिकी कंपनियों का हिस्सा है।

यह धमकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस अल्टीमेटम के जवाब में आई है, जिसमें उन्होंने ईरान को 48 घंटे का समय दिया था कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल दे, वरना अमेरिका ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट से शुरू करके सभी पावर प्लांट्स को नेस्तनाबूद कर देगा।

नेतन्याहू का सख्त रुख  

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ईरान के खिलाफ आक्रामक बयान दिया है। हाल ही में इजरायल में ईरानी मिसाइल हमलों के बाद उन्होंने कहा कि इजरायल ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट कर देगा और ईरान के शासन को कमजोर करने की दिशा में काम करेगा। नेतन्याहू ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर हमले जारी रखने का वादा किया है और कहा है कि हम ईरान को पूरी तरह नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

होर्मुज स्ट्रेट का महत्व  

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहाँ से रोज़ाना लाखों बैरल तेल और गैस गुजरती है, जो वैश्विक ऊर्जा सप्लाई का बड़ा हिस्सा है। अगर यह बंद हुआ तो तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है।

वैश्विक प्रतिक्रियाएँ  

– एशियाई शेयर बाजार गिर गए हैं और तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है।

– अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी है कि यह संकट 1970 के दशक के तेल संकट से भी बदतर हो सकता है।

– कई खाड़ी देश अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को मजबूत कर रहे हैं।

क्या होगा आगे?  

ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम अब खत्म होने वाला है। अगर अमेरिका या इजरायल ने ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला किया, तो ईरान की धमकी के मुताबिक क्षेत्र में बड़ा युद्ध छिड़ सकता है। पूरी दुनिया की नजरें अब मध्य पूर्व पर टिकी हैं।

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