नई दिल्ली :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत की कोशिश रही है कि तेल गैस फर्टिलाइजर या कोई अन्य जरूरी चीज ले जाने वाले जहाज भारत सुरक्षित पहुंचें। लेकिन अगर युद्ध की वजह से दुनिया भर में बने हालात लंबे समय तक बने रहते हैं तो इसका गंभीर असर होना तय है। इसलिए भारत पिछले कुछ सालों में अपनी मजबूती बढ़ाने के लिए की गई अपनी कोशिशों को और गति दे रहा है।
प्रधानमंत्री ने सदन और पूरे देश को भरोसा दिलाया कि भारत के पास कच्चे तेल का काफी स्टोरेज है और लगातार सप्लाई का सिस्टम है। सरकार हर स्तर पर सतर्क है और वैश्विक संकट के प्रभाव को न्यूनतम रखने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वैकल्पिक स्रोतों की खोज तेज कर दी गई है।
सरकार ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नजर रखते हुए जहाजों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए रणनीतिक योजनाएं तैयार की गई हैं। फर्टिलाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि कृषि क्षेत्र प्रभावित न हो।
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि पिछले वर्षों में की गई आत्मनिर्भरता की पहल अब काम आ रही है। रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण क्षमता बढ़ाई गई है। वैकल्पिक व्यापार मार्गों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। गैस और अन्य ऊर्जा स्रोतों के लिए नए समझौते किए जा रहे हैं।
सरकार ने सात सशक्त समूहों का गठन किया है जो सप्लाई चेन पेट्रोल डीजल गैस महंगाई और जरूरी वस्तुओं पर त्वरित निर्णय ले रहे हैं। अंतर मंत्रालयी समूह नियमित बैठकें कर आयात निर्यात संबंधी चुनौतियों का समाधान ढूंढ रहा है।
देश की अर्थव्यवस्था के मूल आधार मजबूत हैं। प्रधानमंत्री का यह बयान पूरे राष्ट्र में विश्वास का संचार कर रहा है। भारत वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। संयुक्त प्रयासों से हम इस संकट को पार कर लेंगे और आर्थिक स्थिरता बनाए रखेंगे।
सरकार हर भारतीय को आश्वस्त करती है कि जरूरी वस्तुओं की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत की प्रगति की गति रुकने नहीं दी जाएगी।