मिजोरम :- मिजोरम टीबी को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में टीबी के कारण 145 लोगों की मौत दर्ज की गई जबकि इसी अवधि में 2275 नए मरीज सामने आए हैं। यह आंकड़े संकेत देते हैं कि टीबी अभी भी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि टीबी का संक्रमण मुख्य रूप से कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को जल्दी प्रभावित करता है। कुपोषण भी एक बड़ा कारण माना जाता है जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा समय पर जांच और इलाज न मिलना भी स्थिति को गंभीर बना देता है।
सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी को रोकने के लिए कई अभियान चलाए जा रहे हैं जिनमें जागरूकता फैलाना समय पर जांच कराना और मुफ्त इलाज उपलब्ध कराना शामिल है। बावजूद इसके कुछ इलाकों में लोगों तक सही जानकारी नहीं पहुंच पा रही है जिससे बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है।
टीबी एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज संभव है लेकिन इसके लिए दवाओं का पूरा कोर्स लेना जरूरी होता है। यदि मरीज बीच में दवा छोड़ देता है तो बीमारी दोबारा लौट सकती है और और अधिक खतरनाक हो सकती है।
इस स्थिति को देखते हुए जरूरी है कि लोग टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय रहते जांच कराएं। सरकार के प्रयासों के साथ साथ जन जागरूकता ही इस बीमारी को नियंत्रित करने का सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकती है।