ईरान :- खाड़ी क्षेत्र में ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच भारत में ईंधन की कीमतों को लेकर गंभीर चेतावनी सामने आई है। ओएनजीसी के पूर्व प्रमुख डॉ. श्रीकृष्ण देशपांडे ने कहा है कि अगर युद्ध लंबे समय तक चलता रहा तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा।
डॉ. देशपांडे ने मीडिया से बातचीत में बताया कि खाड़ी में संघर्ष की स्थिति तेल की वैश्विक आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है। इसके कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। उनका कहना है कि इस स्थिति में भारत जैसे तेल आयातक देशों को सीधे महंगाई और ईंधन संकट का सामना करना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र की अस्थिरता के कारण ईंधन की कीमतें अक्सर अनियमित रूप से बढ़ती हैं। डॉ. देशपांडे ने आम लोगों को सुझाव दिया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अपने ईंधन उपयोग में समझदारी अपनाएं। साथ ही उन्होंने सरकार से भी इस स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की अपील की।
अगर युद्ध बढ़ा तो न केवल पेट्रोल-डीजल की कीमतें बल्कि रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। तेल के बढ़ते दाम महंगाई को और बढ़ा सकते हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर होगा।
डॉ. देशपांडे की चेतावनी से यह साफ हो गया है कि वैश्विक राजनीतिक तनाव का असर सीधे देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के जीवन पर पड़ सकता है।