होटल-रेस्टोरेंट अब ग्राहकों से नहीं वसूल सकेंगे ‘LPG चार्ज’, केंद्र सरकार सख्त

 

 

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि होटल और रेस्टोरेंट अब ग्राहकों से ‘LPG चार्ज’ या ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ के नाम पर कोई अतिरिक्त रकम नहीं ले सकेंगे। ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

सरकार के संज्ञान में यह मामला तब आया जब कुछ होटल और रेस्टोरेंट बिल में 5% तक ‘गैस-क्राइसिस चार्ज’ जोड़कर ग्राहकों से वसूली कर रहे थे। इसे अनुचित और भ्रामक माना गया है।

 

उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए काम करने वाली संस्था Central Consumer Protection Authority (CCPA) ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के छिपे हुए या अलग से जोड़े गए चार्ज नियमों का उल्लंघन हैं। ग्राहकों से केवल वही शुल्क लिया जा सकता है जो मेन्यू में स्पष्ट रूप से दर्शाया गया हो।

 

सरकार ने कहा कि यदि कोई होटल या रेस्टोरेंट इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना और अन्य दंडात्मक कदम शामिल हो सकते हैं।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का बोझ सीधे ग्राहकों पर डालना उचित नहीं है। व्यवसायों को अपने खर्च का प्रबंधन स्वयं करना चाहिए, न कि अलग से ‘क्राइसिस चार्ज’ लगाकर ग्राहकों से वसूली करें।

 

निष्कर्ष: इस फैसले से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी। अब ग्राहकों को होटल-रेस्टोरेंट में छिपे हुए चार्ज का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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