नई दिल्ली :- केंद्रीय सरकार ने एविएशन टरबाइन ईंधन पर नया विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लागू किया है। विभिन्न छूटों के कारण इस शुल्क की दर केवल 29.5 रुपए प्रति लीटर रह गई है। यह बदलाव कल अर्थात 26 मार्च 2026 से प्रभावी हो गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम विमानन क्षेत्र में कर संरचना को सरल बनाने और उद्योग पर वित्तीय दबाव कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह नीति विमानन कंपनियों की संचालन लागत को प्रभावित करेगी। परिणामस्वरूप हवाई यात्रा के टिकट की कीमतों में स्थिरता आने की संभावना है। छूटों की वजह से कंपनियों को आर्थिक राहत मिलेगी और उन्हें व्यावसायिक गतिविधियों में लचीलापन मिलेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नया शुल्क अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों दोनों पर समान रूप से लागू होगा।
इससे राजस्व संग्रह और उद्योग की स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखना संभव होगा। विमानन क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है। यह नीति ईंधन के अधिकतम उपयोग और आर्थिक प्रबंधन के दृष्टिकोण से भी लाभदायक होगी।
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले समय में बाजार की स्थिति स्थिर रहती है, तो यह बदलाव देश के हवाई परिवहन क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आम नागरिकों और व्यापारिक क्षेत्रों दोनों के लिए इसका सीधा प्रभाव लागत और यात्रा की योजना पर देखा जाएगा। सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में आवश्यकतानुसार कर दरों और छूटों में संशोधन करके हवाई परिवहन को और अधिक सुलभ बनाने का प्रयास जारी रहेगा।