अयोध्या (उत्तर प्रदेश):- रामलला के तीसरे जन्मोत्सव की तैयारियां पूरी हो गई हैं। शुक्रवार दोपहर 12 बजे रामलला का जन्म होगा। इसके बाद सूर्य की किरणें उनके ललाट का अभिषेक करेंगी जिसे ‘सूर्य तिलक’ कहा जाता है। यह विशेष अवसर लगभग पांच मिनट तक चलेगा।
स्थानीय मंदिर प्रशासन और आयोजकों ने पूरे कार्यक्रम को भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। भक्तजन और श्रद्धालु इस धार्मिक महापर्व का आनंद लेने के लिए सुबह से ही मंदिर क्षेत्र में जुटना शुरू हो गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह अनुष्ठान हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। सूर्य तिलक का अर्थ है प्रभु के ललाट पर सूर्य की किरणों से दिव्य आशीर्वाद देना। आयोजन स्थल पर भक्तों के लिए प्रबंधन और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
भव्य सजावट और मंदिर परिसर में किए गए विशेष प्रकाश एवं अलंकरण से यह उत्सव और भी आकर्षक बन गया है। धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गई हैं।
इस अवसर पर पूरे शहर में उत्सव का माहौल दिखाई दे रहा है। भक्तजन और पर्यटक इस अनूठे दृश्य को देखने के लिए विशेष रूप से आए हैं। आयोजकों ने जनता से संयम बनाए रखने और निर्धारित नियमों का पालन करने का अनुरोध किया है।