मिर्गी के दौरे में क्या करें और क्या नहीं, जानें सही फर्स्ट एड

स्वास्थ्य डेस्क: मिर्गी का दौरा यानी एपिलेप्टिक सीजर किसी भी व्यक्ति के लिए अचानक और डरावना अनुभव हो सकता है। ऐसे समय में घबराहट में लोग कई ऐसी गलतियां कर देते हैं जो मरीज के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सही जानकारी और समय पर दी गई प्राथमिक सहायता से स्थिति को सुरक्षित बनाया जा सकता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दौरा पड़ने पर मरीज को जबरदस्ती पकड़ने की कोशिश न करें। ऐसा करने से शरीर को चोट लग सकती है। इसी तरह मरीज को पानी पिलाने या मुंह में कुछ डालने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे सांस रुकने का खतरा बढ़ जाता है।

मरीज को सुरक्षित स्थान पर लिटाएं और उसके आसपास की नुकीली या कठोर वस्तुएं हटा दें। यदि संभव हो तो उसे एक करवट पर लिटाएं ताकि सांस लेने में आसानी हो। दौरे के दौरान समय का ध्यान रखें। यदि दौरा पांच मिनट से अधिक समय तक चलता है तो तुरंत डॉक्टर की मदद लें।

विशेषज्ञों के अनुसार, दौरे के बाद मरीज को आराम करने दें और उसे सामान्य स्थिति में आने का समय दें। इस दौरान उसे शांत वातावरण देना जरूरी है।

मिर्गी के मरीजों के लिए परिवार और आसपास के लोगों को फर्स्ट एड की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है। सही कदम उठाने से गंभीर जोखिम को टाला जा सकता है और मरीज की जान बचाई जा सकती है।

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