वाशिंगटन (अमेरिका):- मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद स्पीकर मोहम्मद गालिबफ को अमेरिका-इजरायल की कथित ‘किल लिस्ट’ से बाहर कर दिया गया है।
पहले थे निशाने पर
सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के नाम पहले उन उच्च-प्रोफाइल व्यक्तियों में शामिल थे, जिन्हें क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान संभावित टारगेट माना जा रहा था। इससे पहले भी कई शीर्ष सैन्य और राजनीतिक चेहरों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आ चुकी हैं।
क्यों हटाए गए नाम?
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इन दोनों नेताओं को लिस्ट से हटाने के पीछे कूटनीतिक और रणनीतिक कारण हैं। माना जा रहा है कि यदि इन उच्च पदस्थ नेताओं को निशाना बनाया जाता, तो इससे सीधे तौर पर बड़ा युद्ध भड़क सकता था और हालात पूरी तरह नियंत्रण से बाहर जा सकते थे।
कूटनीति को दिया गया प्राथमिकता
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में अमेरिका और इजरायल दोनों ही पूर्ण युद्ध से बचने की रणनीति अपना रहे हैं। ऐसे में शीर्ष राजनीतिक चेहरों को निशाना न बनाना एक संतुलित और नियंत्रित प्रतिक्रिया का संकेत माना जा रहा है।
क्षेत्र में तनाव बरकरार
हालांकि, इस फैसले के बावजूद मध्य-पूर्व में तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई से स्थिति अभी भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है।ईरान के शीर्ष नेताओं को ‘किल लिस्ट’ से हटाना यह दर्शाता है कि मौजूदा संघर्ष के बीच भी बड़े स्तर पर कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश जारी है। हालांकि, हालात कब बदल जाएं, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।