बस्ती (उत्तर प्रदेश):- उत्तर प्रदेश के बस्ती स्थित जिला महिला चिकित्सालय में करीब 9 करोड़ रुपये की खरीद-फरोख्त को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मामले में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद शासन ने पूरे बजट के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है और जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं।
टेंडर प्रक्रिया पर उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष समाप्त होने से ठीक पहले मार्च के अंतिम दिनों में खरीद प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया गया। आरोप है कि इससे पहले फरवरी में ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, जिससे पूरे मामले में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
‘तीन दिन में प्रक्रिया पूरी’ का खेल
मार्च में केवल तीन दिन शेष रहते ही प्रक्रिया पूरी दिखाने के लिए पत्र जारी किया गया, जिससे बजट को जल्दबाजी में खर्च करने की कोशिश सामने आई है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
डिप्टी सीएम ने लिया संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने संज्ञान लिया है और पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए हैं।
अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई संभव
शासन स्तर पर यह भी संकेत दिए गए हैं कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।बस्ती के जिला महिला चिकित्सालय में सामने आया यह मामला सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि इस पूरे प्रकरण में कौन जिम्मेदार है और क्या कार्रवाई होगी।