इस्लामाबाद (पाकिस्तान):- पाकिस्तान इन दिनों गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है और इसी बीच सरकार की ओर से एक नया प्रस्ताव सामने आया है जिसने लोगों के बीच हलचल बढ़ा दी है। चर्चा है कि ईंधन और बिजली की बचत के लिए सप्ताह में दो दिन तथाकथित स्मार्ट लॉकडाउन लागू किया जा सकता है।
इस मुद्दे पर शाहबाज शरीफ सरकार के एक मंत्री ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि फिलहाल पूर्ण लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है लेकिन ऊर्जा बचाने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार जरूर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव केवल सुझाव के तौर पर सामने आया है और इस पर अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है।
सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिजली और ईंधन की बढ़ती कमी है जिसके कारण उद्योगों और आम लोगों दोनों पर असर पड़ रहा है। ऐसे में ऊर्जा खपत को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है। स्मार्ट लॉकडाउन के तहत कुछ दिनों के लिए बाजार और व्यावसायिक गतिविधियों को सीमित करने का विचार किया गया है ताकि खपत कम हो सके।
हालांकि सरकार ने यह भी साफ किया है कि आम जनता को किसी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है क्योंकि अभी यह केवल विचाराधीन योजना है। इसके अलावा ऊर्जा संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक उपायों पर भी काम किया जा रहा है जैसे कि समयबद्ध बिजली आपूर्ति और ईंधन की खपत को सीमित करना।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह के कदम लागू किए जाते हैं तो इससे आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है लेकिन ऊर्जा बचत के लिहाज से यह कुछ हद तक मददगार साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में सरकार इस प्रस्ताव पर क्या फैसला लेती है इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम जीवन पर पड़ेगा।