नई दिल्ली :- दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत सरकार ने एक अहम और त्वरित कदम उठाया है। लंबे समय से केरोसीन मुक्त घोषित किए जा चुके राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत केरोसीन की आपूर्ति को अस्थायी रूप से फिर शुरू करने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला विशेष रूप से उन परिवारों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है जो अब भी पारंपरिक ईंधन पर निर्भर हैं।
भारत सरकार के इस साठ दिन के आपातकालीन कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्थिति में आम लोगों को खाना पकाने और रोशनी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति में उतार चढ़ाव और कीमतों में अस्थिरता को देखते हुए यह निर्णय एहतियात के तौर पर लिया गया है।
इस व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंपों को भी सीमित मात्रा में केरोसीन रखने और वितरित करने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए नियमों को सरल बनाया गया है ताकि जरूरतमंद लोगों तक तेजी से ईंधन पहुंचाया जा सके। यह कदम खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है जहां अब भी गैस या बिजली की पहुंच पूरी तरह नहीं हो पाई है।
सरकार का मानना है कि यह अस्थायी व्यवस्था है और जैसे ही स्थिति सामान्य होगी वैसे ही केरोसीन आपूर्ति को फिर से सीमित किया जा सकता है। इस बीच प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वितरण प्रक्रिया पारदर्शी रहे और किसी तरह की कालाबाजारी या गड़बड़ी न हो।
यह फैसला दर्शाता है कि बदलते वैश्विक हालात के बीच सरकार आम नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता दे रही है और हर संभव कदम उठाकर उन्हें राहत देने की कोशिश कर रही है।