नई दिल्ली :- आयकर विभाग से जुड़े पैन कार्ड नियमों में बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं जो आम लोगों की रोजमर्रा की वित्तीय गतिविधियों को प्रभावित करेंगे। नए वित्तीय वर्ष 2026 की शुरुआत के साथ ही इन नियमों को लागू किया जाएगा जिनका मुख्य उद्देश्य लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाना और कर प्रणाली को अधिक सख्त बनाना है।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब केवल आधार के जरिए पैन कार्ड बनवाने की सुविधा समाप्त कर दी जाएगी। पहले जहां लोग सिर्फ आधार कार्ड के माध्यम से आसानी से पैन के लिए आवेदन कर सकते थे वहीं अब यह प्रक्रिया थोड़ी जटिल हो जाएगी। एक अप्रैल 2026 से पैन बनवाने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज देने होंगे जिनमें जन्म प्रमाण पत्र वोटर आईडी पासपोर्ट ड्राइविंग लाइसेंस और दसवीं की मार्कशीट शामिल हो सकती है। इसका मतलब है कि अब पहचान और जन्म से जुड़ी जानकारी का सत्यापन अधिक सख्ती से किया जाएगा।
नए नियमों के अनुसार पैन कार्ड में नाम वही मान्य होगा जो आधार में दर्ज है। यदि आधार में किसी प्रकार की गलती है तो उसे पहले सुधारना अनिवार्य होगा अन्यथा पैन आवेदन में दिक्कत आ सकती है। इसके अलावा पुराने पैन फॉर्म एक अप्रैल 2026 से मान्य नहीं रहेंगे और आवेदन तथा अपडेट के लिए नए फॉर्म जारी किए जाएंगे।
बैंकिंग लेनदेन को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पहले बैंक में पचास हजार रुपये से अधिक नकद जमा करने पर पैन जरूरी होता था लेकिन अब सालाना आधार पर नई सीमा तय की गई है। यदि कोई व्यक्ति पूरे वर्ष में अपने खाते में दस लाख रुपये या उससे अधिक नकद जमा करता है तो पैन देना अनिवार्य होगा। इससे बड़े लेनदेन पर निगरानी और सख्त हो जाएगी।
सरकार का मानना है कि इन बदलावों से फर्जीवाड़ा कम होगा और कर प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी। आम नागरिकों के लिए जरूरी है कि वे समय रहते अपने दस्तावेज अपडेट कर लें ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।