नालंदा (बिहार):- बिहार के नालंदा जिले के बिहार शरीफ स्थित शीतलाष्टमी मंदिर में मंगलवार को हुई भगदड़ ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 8 से 9 लोगों की मौत हुई जबकि कई लोग घायल हुए हैं। यह घटना उस समय हुई जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा और दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे थे और अचानक भीड़ बेकाबू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंदिर परिसर में अत्यधिक भीड़ और पर्याप्त व्यवस्था की कमी के कारण अफरा तफरी मच गई। लोग जल्दी दर्शन करने की होड़ में एक दूसरे पर चढ़ने लगे जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
यह कोई पहली घटना नहीं है जब बिहार में इस तरह की भगदड़ हुई हो। इससे पहले भी राज्य के अलग अलग जिलों जैसे पटना जहानाबाद और बांका में धार्मिक आयोजनों और मेलों के दौरान भीड़ नियंत्रण में कमी के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। इन घटनाओं में अक्सर समान कारण सामने आते हैं जैसे अचानक भीड़ बढ़ना सुरक्षा व्यवस्था का अभाव और प्रशासनिक लापरवाही।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं लेकिन भीड़ प्रबंधन की उचित योजना नहीं बन पाती। इससे छोटी सी चूक भी बड़े हादसे में बदल जाती है।
इस हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरा दुख जताया है और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया गया है।
फिलहाल प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और घायलों का इलाज जारी है। लेकिन यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक ऐसी लापरवाही लोगों की जान लेती रहेगी और भीड़ प्रबंधन को लेकर ठोस कदम कब उठाए जाएंगे।