Health tips :- दूध को बच्चों के लिए पोषण का प्रमुख स्रोत माना जाता है, लेकिन क्या वयस्कों के लिए भी रोजाना दूध पीना हमेशा फायदेमंद है? एक्सपर्ट्स के अनुसार, दूध पीने की आदत को उम्र और शरीर की सहनशीलता के हिसाब से समझना जरूरी है। बच्चों और किशोरों में दूध हड्डियों की मजबूती, कैल्शियम और प्रोटीन की पूर्ति के लिए जरूरी है। वहीं, वयस्कों में, खासकर 50 साल के बाद, दूध से जुड़ी समस्याएं जैसे लैक्टोज असहिष्णुता, पाचन समस्या और कोलेस्ट्रॉल बढ़ना आम हो जाती हैं। यही वजह है कि कई लोग दूध की बजाय अन्य पौष्टिक विकल्पों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।
हाल के सालों में लोग आलमंड मिल्क और सोया मिल्क की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। डाइटिशियन बताते हैं कि इन मिल्क विकल्पों में संतृप्त वसा कम, कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है, जिससे वजन नियंत्रण और हार्ट हेल्थ के लिए बेहतर माना जाता है। साथ ही, ये लैक्टोज फ्री होते हैं, इसलिए उन लोगों के लिए सुरक्षित हैं जिन्हें दूध पचाने में दिक्कत होती है। सोया मिल्क में प्रोटीन की मात्रा भी अच्छी होती है और आलमंड मिल्क में विटामिन E की भरपूर मात्रा होती है, जो एंटीऑक्सीडेंट का काम करती है।
एक्सपर्ट का सुझाव है कि 50 साल के बाद वयस्कों को रोजाना गाय का दूध पीने की आदत धीरे-धीरे कम कर पौष्टिक पौधे आधारित मिल्क विकल्पों का सेवन करना चाहिए। साथ ही, अगर दूध पीने से पेट में गैस, अपच या दस्त जैसी समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। ऐसे विकल्प न केवल पाचन के लिए आसान हैं, बल्कि हृदय स्वास्थ्य और वजन नियंत्रण में भी मदद करते हैं। इस प्रकार, उम्र और शरीर की जरूरतों के अनुसार दूध और मिल्क विकल्पों का चयन करना स्वास्थ्य के लिए सबसे बेहतर तरीका है।