SIR 2.0: मतदाता सूची के अद्यतन की नई प्रक्रिया शुरू — नाम जुड़वाने, हटाने और अपील करने के पूरे नियम जानिए

SIR 2.0 नई दिल्ली:- भारत निर्वाचन आयोग ने स्पेशल समरी रिवीजन 2.0 की प्रक्रिया शुरू कर दी है जिसके तहत देशभर में मतदाता सूची को अद्यतन किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य मतदाताओं के रिकॉर्ड को अधिक सटीक, पारदर्शी और डिजिटल रूप से सुलभ बनाना है। आयोग ने कहा कि हर योग्य नागरिक को अपने नाम की पुष्टि करने नया नाम जोड़वाने या गलती सुधारने का मौका दिया जाएगा।

इस प्रक्रिया के तहत सबसे पहले गणना प्रपत्र  का वितरण किया जाएगा। यह फॉर्म प्रत्येक परिवार तक पहुंचाया जाएगा, ताकि घर-घर जाकर यह जानकारी एकत्र की जा सके कि उस परिवार में कितने पात्र मतदाता हैं किसी का नाम जोड़ा जाना है या हटाया जाना है। अधिकारी इन फॉर्मों के आधार पर प्रारंभिक सूची तैयार करेंगे।

इसके बाद आयोग ड्राफ्ट रोल जारी करेगा। यह अस्थायी मतदाता सूची होगी जिसे आम जनता के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। नागरिक इस सूची में अपना नाम देख सकते हैं और यदि किसी प्रकार की गलती, नाम छूटने या गलत प्रविष्टि मिलती है, तो वे आवेदन या आपत्ति  दर्ज कर सकते हैं। यह आवेदन Form 6, 7, 8 या 8A के माध्यम से ऑनलाइन या बूथ स्तर पर किया जा सकेगा।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी मतदाता का नाम गलती से हटाया गया है या किसी का नाम शामिल नहीं हुआ है तो वे निर्धारित अवधि में अपील  कर सकते हैं। यह अपील जिला निर्वाचन अधिकारी या संबंधित अधिकारी के समक्ष की जाएगी और सभी आपत्तियों का निस्तारण पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।

चुनाव आयोग के अनुसार SIR 2.0 प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूची को डिजिटल रूप से अपडेट किया जाएगा जिससे भविष्य के चुनावों में मतदान प्रक्रिया अधिक कुशल और सटीक बन सके। इस बार नागरिकों को मतदाता हेल्पलाइन ऐप और nvsp.in वेबसाइट के माध्यम से भी अपने विवरण देखने, सुधारने और डाउनलोड करने की सुविधा दी गई है।

अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया सिर्फ प्रशासनिक नहीं बल्कि लोकतंत्र को सशक्त करने का माध्यम है। हर नागरिक को इसमें सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए ताकि आने वाले चुनावों में “एक व्यक्ति, एक वोट” के सिद्धांत को पूरी तरह लागू किया जा सके। चुनाव आयोग ने जनता से अपील की है कि वे अपने नाम की पुष्टि अवश्य करें और यदि कोई त्रुटि मिले तो समय रहते उसे ठीक करवाएं — क्योंकि सटीक मतदाता सूची ही सशक्त लोकतंत्र की नींव है।

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