Rishabh Pant नई दिल्ली:- भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ने लंबी चोट के बाद मैदान पर अपनी शानदार वापसी पर खुशी जताई है। पंत जो एक भयानक सड़क दुर्घटना के बाद कई महीनों तक क्रिकेट से दूर रहे अब न केवल पूरी तरह फिट दिख रहे हैं बल्कि अपने पुरानी आक्रामक अंदाज़ में लौटते भी नज़र आए हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “चोट के बाद वापसी कभी आसान नहीं होती, लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने यह कर दिखाया।” पंत ने स्वीकार किया कि उनकी रिकवरी यात्रा शारीरिक से अधिक मानसिक थी। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद उनकी प्राथमिकता केवल चलने-फिरने और सामान्य जीवन में लौटने की थी लेकिन क्रिकेट में वापसी उनके लिए एक “बोनस” जैसा था। उन्होंने बताया कि रिहैबिलिटेशन के दौरान कई बार उन्हें लगा कि शायद उनकी पुरानी फॉर्म और गति वापस नहीं आएगी, लेकिन फिजियो, ट्रेनर्स और परिवार के सहयोग ने उनका हौसला बनाए रखा।
पंत ने कहा, “जब आप महीनों तक मैदान से दूर रहते हैं तो सबसे मुश्किल होता है मानसिक रूप से खुद को मजबूत रखना। मुझे खुशी है कि मैंने खुद पर भरोसा नहीं खोया। मैं उन सभी का आभारी हूं जिन्होंने मुझे हर कदम पर सपोर्ट किया।” उन्होंने यह भी कहा कि टीम इंडिया का ड्रेसिंग रूम वातावरण हमेशा खिलाड़ियों को सकारात्मक ऊर्जा देता है और उनकी वापसी को खास बनाने में साथियों की भूमिका भी बेहद अहम रही। वापसी के बाद पंत का प्रदर्शन भी शानदार रहा है। उनकी तेज तर्रार बल्लेबाज़ी और चपल विकेटकीपिंग को देखकर क्रिकेट विशेषज्ञों ने कहा है कि पंत ने न केवल फिटनेस साबित की है बल्कि उन्होंने यह भी दिखाया है कि भारतीय टीम में उनकी जगह कितनी महत्वपूर्ण है। कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी पंत की मानसिक मजबूती की सराहना करते हुए उनकी वापसी को “असाधारण” बताया है।
अपने भविष्य को लेकर पंत ने कहा कि वे किसी जल्दबाज़ी में नहीं हैं और उनका लक्ष्य है कि लगातार मैच खेलकर रिद्म बनाते रहें। उन्होंने कहा, “मैं बस खेल का आनंद लेना चाहता हूं। हर मैच मेरे लिए खास है, क्योंकि पिछली चोट ने मुझे यह सिखाया है कि जीवन और मौके कितने अनमोल होते हैं।” ऋषभ पंत की इस प्रेरणादायक वापसी ने न सिर्फ प्रशंसकों को उत्साहित किया है बल्कि यह भी साबित किया है कि कड़ी मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के साथ कोई भी बाधा पार की जा सकती है।