नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर में दिनों दिन बढ़ते प्रदूषण ने बच्चों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है इसलिए स्कूलों में हाइब्रिड कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया गया है ताकि छोटे बच्चों को सुरक्षित माहौल मिल सके और पढ़ाई भी बिना रुकावट जारी रह सके। हाइब्रिड मॉडल से बच्चे घर बैठकर ऑनलाइन सीख सकते हैं और जिनके लिए स्कूल आना आवश्यक है वे ऑफलाइन कक्षाओं का लाभ ले सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को लचीली सुविधा देना है ताकि वे अपनी सेहत को प्राथमिकता देते हुए शिक्षण प्रक्रिया से जुड़े रहें।
बढ़ते प्रदूषण स्तर ने माता पिता और शिक्षकों दोनों को सजग कर दिया है इसलिए स्कूल प्रशासन लगातार नए उपाय अपना रहा है। जो बच्चे अस्थमा एलर्जी या सांस संबंधी परेशानी का सामना कर रहे हैं वे घर पर रहकर सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई कर पाएंगे और स्कूल आने वाले बच्चों के लिए भी उचित सावधानियां अपनाई जाएंगी। यह कदम तब तक जारी रहेगा जब तक हवा की गुणवत्ता फिर से सामान्य स्तर पर नहीं लौट आती।
इस पहल से यह स्पष्ट है कि शिक्षा प्रणाली अब बदलते हालात के अनुसार खुद को ढाल रही है और बच्चों का स्वास्थ्य सर्वोपरि माना जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित और मजबूत बन सकें।