नई दिल्ली :- उत्तर भारत में सर्दी का असर इस वर्ष काफी तेज दिखाई दे रहा है। पहाड़ी इलाकों में बर्फीली हवा लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रही है और मैदानी भागों में भी तापमान लगातार गिर रहा है। हिमाचल प्रदेश के उच्च क्षेत्रों में रातें अत्यधिक ठंडी हो चुकी हैं और कई स्थानों पर पानी की पाइपें जमने लगी हैं। सुबह के समय ओस की मोटी परत धरती को सफेद चादर जैसी चमक दे रही है।
जम्मू कश्मीर में भी कड़ाके की ठिठुरन बढ़ गई है और स्थानीय निवासियों को अपने दैनिक कार्यों में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान और नीचे जा सकता है और पर्वतीय भागों में हल्की से मध्यम बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है।
राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ठंडी हवाओं ने मौसम को एकदम बदल दिया है। सुबह और शाम दोनों समय लोगों को भारी गर्म कपड़ों की जरूरत पड़ रही है। पश्चिम बंगाल के उत्तरी भाग भी इस प्रभाव से अछूते नहीं रहे और यहां न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर से काफी नीचे पहुंच चुका है।
मौसम विभाग के अनुसार नवंबर के अंत से दिसंबर की शुरुआत तक शीतलहर का प्रकोप और तेज हो सकता है। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।