पुणे :- पुणे बेंगलुरु हाईवे पर नवले ब्रिज के पास हुआ भीषण सड़क हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था कितनी कमजोर है और किस तरह हर दिन हजारों लोगों की जान जोखिम में रहती है। कंटेनर वाहन द्वारा कई गाड़ियों को टक्कर मारने से छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक चेतावनी है कि सड़क पर अनुशासन और सुरक्षा को लेकर अब तत्काल और कठोर कदम उठाने की जरूरत है।
भारत में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसकी वजह तेज रफ्तार लापरवाही ओवरलोडिंग और सड़क नियमों का पालन न करना है। कई हाईवे पर पर्याप्त निगरानी नहीं होती। ट्रैफिक पुलिस की संख्या भी सीमित रहती है। भारी वाहनों की फिटनेस जांच भी अक्सर सही तरीके से नहीं होती। ऐसे में जब कोई भारी वाहन नियंत्रण खो देता है तो परिणाम बेहद भयावह हो जाते हैं जैसा कि नवले ब्रिज पर देखने को मिला।
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सबसे पहले ड्राइवरों को सख्त प्रशिक्षण की जरूरत है। गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखना रफ्तार नियंत्रित रखना और सड़क संकेतों को गंभीरता से मानना हर नागरिक का कर्तव्य है। सरकार को भी हाईवे पर स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम लगाने होंगे। खराब सड़कों की मरम्मत समय पर करनी होगी और भारी वाहनों पर सख्त नियम लागू करने होंगे।
सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन की तरह अपनाना होगा। स्कूलों कॉलेजों और संस्थानों में सड़क सुरक्षा शिक्षा को अनिवार्य करना होगा। जरूरत है वाहन निर्माता कंपनियों को भी सुरक्षा फीचर्स को प्राथमिकता देने की।
नवले ब्रिज की यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हर जान अनमोल है और सड़क पर जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि हर व्यक्ति की है। जब तक नियमों को सम्मान नहीं दिया जाएगा तब तक सुरक्षित यात्रा का सपना अधूरा ही रहेगा।