East Europe यूरोप:- पूर्वी यूरोप के साहित्यिक परिदृश्य में दो प्रमुख हस्तियों, डेविड स्ज़ालाय और लास्ज़लो क्रास्ज़नाहोरकाई की मुलाकात एक महत्वपूर्ण घटना है। स्ज़ालाय की पुस्तक “फ्लेश” ने 2025 का बुकर पुरस्कार जीता है जबकि क्रास्ज़नाहोरकाई को इस वर्ष के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
डेविड स्ज़ालाय: एक साहित्यिक यात्रा
डेविड स्ज़ालाय का जन्म कनाडा में हुआ था लेकिन उनका परिवार जल्द ही लेबनान और फिर लोंडन में बस गया। उन्होंने अपनी शिक्षा ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से प्राप्त की और अब वे वियना में रहते हैं। स्ज़ालाय की लेखन शैली को उनके अनुभवों और परिप्रेक्ष्य से आकार मिला है जो उनके उपन्यासों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
लास्ज़लो क्रास्ज़नाहोरकाई: एक साहित्यिक दिग्गज
लास्ज़लो क्रास्ज़नाहोरकाई एक हंगेरियन लेखक हैं जिन्हें उनके उपन्यास “बारोन वेंकहेम की घर वापसी” के लिए 2015 में इंटरनेशनल बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनकी लेखन शैली को उनके गृह देश हंगरी के इतिहास और संस्कृति से प्रेरणा मिली है।