श्रीनगर पुलिस थाने में बड़ा धमाका, इंस्पेक्टर समेत 10 लोगों की मौत

श्रीनगर :- श्रीनगर के नौगाम पुलिस थाने में हुए भयावह विस्फोट ने घाटी की सुरक्षा स्थिति को एक बार फिर अस्थिर कर दिया है। थाने परिसर में रखा फरीदाबाद से बरामद अमोनियम नाइट्रेट अचानक फट गया और धमाका इतना तेज था कि इमारत का एक बड़ा हिस्सा पलभर में ढह गया। इस हादसे में पुलिस इंस्पेक्टर सहित दस लोगों की मौत हो गई और सात से अधिक पुलिसकर्मी तथा आम नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए। राहत दलों ने मौके पर पहुंचकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज जारी है।

 

धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने घटनास्थल की घेराबंदी कर शुरुआती जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञ दल विस्फोट के कारणों की तकनीकी पड़ताल कर रहा है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार जिस अमोनियम नाइट्रेट को सुरक्षित रखे जाने का दावा किया गया था वही असल खतरा बन गया। जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि सामग्री के भंडारण में लापरवाही हुई या इसके पीछे किसी जानबूझकर की गई साजिश का संकेत छिपा है।

 

दिल्ली में हाल ही में हुए विस्फोट के बाद से जांच एजेंसियां उच्च सतर्कता पर हैं। श्रीनगर की इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि फरीदाबाद से बरामद विस्फोटक का सीधा संबंध दिल्ली ब्लास्ट की जांच से जोड़ा जा रहा था। अब दोनों मामलों की जांच संयुक्त रूप से आगे बढ़ाने की संभावना है। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इन दोनों घटनाओं के बीच छिपे नेटवर्क की कड़ियां बहुत महत्वपूर्ण हो सकती हैं और इन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता।

राज्य प्रशासन ने मृतकों के परिवारों के लिए सहायता की घोषणा की है और घायलों के उपचार के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और आसपास के सभी थानों में विस्फोटक पदार्थों के भंडारण की समीक्षा भी शुरू कर दी गई है। यह घटना न केवल सुरक्षा प्रबंधन की गंभीर चुनौती को उजागर करती है बल्कि यह भी बताती है कि विस्फोटक सामग्री से जुड़ी हर प्रक्रिया में सतर्कता अत्यंत जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *