Signs of pullback नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा रूस के दो प्रमुख तेल उत्पादकों, रोसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंध लगाने के बाद भारत को रूस के तेल निर्यात में भारी गिरावट आई है। यह जानकारी कंटेनर ट्रैकिंग फर्म केप्लर की रिपोर्ट से मिली है जिसके अनुसार भारत को रूस के तेल निर्यात में 40% की गिरावट आई है।
क्यों हो रही है गिरावट?
अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारतीय रिफाइनर अब रूस से तेल आयात करने में सतर्कता बरत रहे हैं। रोसनेफ्ट और लुकोइल से तेल आयात में गिरावट के कारण भारत को रूस के तेल निर्यात में भारी गिरावट आई है। केप्लर के अनुसार रोसनेफ्ट के तेल निर्यात में 0.81 मिलियन बैरल प्रति दिन की गिरावट आई है जबकि लुकोइल ने भारत को तेल निर्यात पूरी तरह से बंद कर दिया है।
क्या होगा आगे?
अमेरिकी प्रतिबंध 21 नवंबर से प्रभावी होंगे जिसके बाद भारत को रूस के तेल निर्यात में और गिरावट आने की संभावना है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और रूस के बीच तेल व्यापार जारी रहेगा लेकिन नए रास्तों और माध्यमों से। केप्लर के विश्लेषक सुमित रितोलिया के अनुसार भारतीय रिफाइनर अब रूस से तेल आयात करने के लिए अधिक सावधानी बरतेंगे और नए स्रोतों की तलाश करेंगे।
भारत की निर्भरता
भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 85% आयात करता है जिसमें रूस एक महत्वपूर्ण स्रोत है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में रूस से तेल आयात बढ़ाया है जिससे उसे सस्ते दाम पर तेल मिल सके। हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण अब भारत को अपनी तेल आयात रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है।