नई दिल्ली :- लता मंगेशकर भारतीय संगीत जगत का वह नाम है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने अपनी मधुर आवाज से न जाने कितने दिलों को छुआ और हिंदी सिनेमा को ऐसी पहचान दी जो हमेशा याद रखी जाएगी। लता जी का गायन केवल सुरों का संगम नहीं था बल्कि भावना की अभिव्यक्ति थी। उनके हर गीत में एक कहानी छिपी रहती थी जो सीधे दिल में उतर जाती थी।
लता मंगेशकर का संगीत करियर छह दशकों से भी अधिक लंबा रहा। उन्होंने हर युग के संगीतकारों और गायकों के साथ काम किया और उनके सुरों ने कई कलाकारों को अमर बना दिया। लता जी ने जब मोहम्मद रफ़ी और किशोर कुमार जैसे दिग्गज गायकों के साथ युगल गीत गाए तो वह जोड़ी हमेशा के लिए इतिहास में दर्ज हो गई। उनके और रफ़ी साहब के गाने जैसे “तेरे बिना ज़िंदगी से कोई शिकवा नहीं” या “जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा” आज भी लोगों के दिलों में बसते हैं।
कहा जाता है कि लता मंगेशकर के बिना भारतीय संगीत अधूरा लगता है। उन्होंने संगीत को केवल पेशा नहीं बल्कि पूजा माना। उनके गाए हुए गीतों में सादगी भी थी और भावनाओं की गहराई भी। उनकी आवाज में ऐसी मिठास थी जो हर उम्र के श्रोता को अपने जादू में बांध लेती थी।
लता मंगेशकर ने अपने जीवन से यह साबित किया कि सच्ची कला कभी बूढ़ी नहीं होती। उनके सुर आज भी गूंजते हैं और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। भारत कोकिला के रूप में लता मंगेशकर हमेशा अमर रहेंगी।