नई दिल्ली। लोकसभा में अपनी ताकत और बढ़ाने की कोशिश में जुटे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को लेकर राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, NDA लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 19 सांसदों के समर्थन को लेकर दावे सामने आए हैं, जिससे विपक्षी खेमे में हलचल बढ़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर चल रही कथित नाराजगी और गुटबाजी को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, 19 सांसदों के समर्थन या किसी संभावित टूट की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ऐसा कोई घटनाक्रम होता है तो संसद के समीकरणों पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
इसी बीच महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। खबरों के अनुसार, Shiv Sena (UBT) में भी असंतोष की अटकलें लगाई जा रही हैं और कुछ नेताओं के अलग रुख अपनाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि पार्टी की ओर से किसी संभावित विभाजन को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि NDA की रणनीति केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों और संवैधानिक संशोधनों के लिए मजबूत बहुमत सुनिश्चित करना भी इसका उद्देश्य हो सकता है।
वहीं विपक्षी दल इन दावों को राजनीतिक अटकलें बताते हुए खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि विपक्षी गठबंधन एकजुट है और सांसदों के टूटने की खबरों में सच्चाई नहीं है।
मुख्य बातें:
- 🔹 NDA लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत के लक्ष्य पर नजर बनाए हुए है।
- 🔹 TMC के 19 सांसदों के समर्थन को लेकर दावे सामने आए।
- 🔹 उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना में भी संभावित असंतोष की चर्चा।
- 🔹 किसी भी दल की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं।
- 🔹 राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल और अटकलें।
नोट: TMC के 19 सांसदों के समर्थन और शिवसेना (UBT) में संभावित टूट की खबरें मीडिया रिपोर्टों और राजनीतिक अटकलों पर आधारित हैं। संबंधित दलों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।