नई दिल्ली :- नक्सलवाद विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों ने ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है जिसमें लंबे समय से मोस्ट वांटेड सूची में शामिल माड़वी हिड़मा ढेर कर दिया गया है। हिड़मा पर कई बड़े हमलों की साजिश रचने का आरोप था और उसकी तलाश कई राज्यों की संयुक्त टीम कर रही थी। इस अभियान में उसके पांच साथी भी मुठभेड़ में मारे गए जिससे पूरे इलाके में राहत की भावना दिखाई दे रही है।
अभियान आंध्र प्रदेश छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमाओं के मिलन बिंदु पर स्थित घने वन क्षेत्र में संचालित किया गया था जहां सुरक्षा बलों को सटीक खुफिया सूचना के आधार पर यह ऑपरेशन शुरू करना पड़ा। सुरक्षाबलों ने कठिन भूभाग और घने जंगलों के बावजूद निर्णायक बढ़त हासिल की और नक्सलियों को घेरकर जवाबी कार्रवाई की।
हिड़मा के मारे जाने को नक्सल नेटवर्क के लिए गहरा आघात माना जा रहा है क्योंकि वह लंबे समय से रणनीतिक हमलों का मुख्य मास्टरमाइंड रहा था। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस सफलता से क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।
यह कार्रवाई उन सभी प्रयासों का परिणाम है जो राज्य और केंद्र स्तर पर नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार किए जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस ऑपरेशन से नक्सली ढांचे की कमर और कमजोर होगी और आने वाले दिनों में शांति स्थापित करने की प्रक्रिया और आसान होगी।