SC issues : अनिल अंबानी-आरकॉम धोखाधड़ी मामला, सुप्रीम कोर्ट   ने केंद्र, सीबीआई, ईडी और अनिल अंबानी को भेजा नोटिस

SC issues नई दिल्ली: रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) से जुड़े कथित विशाल बैंकिंग और कॉर्पोरेट धोखाधड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ED), अनिल अंबानी और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह नोटिस पूर्व केंद्रीय सचिव ई.ए.एस. सरमा द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर दिया गया है जिसमें इस पूरे मामले की कोर्ट-मॉनिटर्ड जांच की मांग की गई है।

जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने वकील प्रशांत भूषण की दलीलों पर ध्यान दिया, जो याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए थे। कोर्ट ने इन सभी पक्षकारों से तीन हफ्तों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है और मामले की अगली सुनवाई भी तीन सप्ताह बाद तय की है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ADA समूह की कई संस्थाओं में सार्वजनिक धन का व्यवस्थित हेरफेर, वित्तीय विवरणों में फर्जीवाड़ा और संस्थागत मिलीभगत हुई है। याचिका में कहा गया है कि सीबीआई द्वारा अगस्त में दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) और उससे जुड़ी ईडी की कार्रवाई केवल इस कथित धोखाधड़ी के एक छोटे हिस्से को कवर करती है।

प्रशांत भूषण ने अदालत में तर्क दिया कि जांच एजेंसियां बैंकों और उनके अधिकारियों की संलिप्तता की जांच नहीं कर रही हैं जबकि विस्तृत फॉरेंसिक ऑडिट में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। याचिका में दावा किया गया है कि RCom और उसकी सहायक कंपनियों ने 2013 से 2017 के बीच एसबीआई (SBI) के नेतृत्व वाले बैंकों के एक समूह से लगभग ₹31,580 करोड़ का ऋण लिया था। एसबीआई द्वारा कराए गए फॉरेंसिक ऑडिट (2020) में बड़े पैमाने पर धन के हेरफेर और खातों में हेरफेर का पता चला था। याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि धोखाधड़ी के इस बड़े पैमाने को देखते हुए जिसमें सार्वजनिक धन और संस्थाएं शामिल हैं, न्यायालय की निगरानी में एक व्यापक जांच आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट का यह नोटिस केंद्र सरकार जांच एजेंसियों और अनिल अंबानी के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है जो इस बहु-करोड़ी मामले की जांच को एक नया मोड़ दे सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *