बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। कोतवाली नगर पुलिस ने एक ऐसे शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने राजस्व विभाग में अमीन पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवती से 8 लाख 81 हजार रुपये ऐंठ लिए। इतना ही नहीं, आरोपी ने भरोसा दिलाने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र भी तैयार कर युवती को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी नगर अभिषेक सिंह के पर्यवेक्षण में कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार मिश्र की टीम ने यह कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को गोविंदबाग निवासी शालिनी वर्मा ने कोतवाली नगर में तहरीर देकर बताया कि मनोज कुमार चौहान, निवासी बनकटवा सराय खास थाना रेहरा बाजार, ने राजस्व विभाग में अमीन की नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे अलग-अलग समय पर कुल 8,81,000 रुपये ले लिए। विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराया।
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने नौकरी की प्रगति और अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगा। बाद में उसने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत के आधार पर कोतवाली नगर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी को 16 जुलाई 2026 को गोविंदबाग स्थित सब्जी मंडी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बलरामपुर सदर स्थित स्टाम्प रजिस्ट्री कार्यालय में ऑपरेटर के रूप में कार्य करता था और कुछ समय तक पीड़िता के घर किराए पर भी रह चुका था। उसने यह भी स्वीकार किया कि उसने पहले विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कार्य करने का दावा कर युवती का विश्वास जीता और इसी आधार पर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर रुपये वसूल लिए।
आरोपी ने एक वर्ष तक यह कहकर युवती को गुमराह किया कि नियुक्ति सूची तैयार हो चुकी है और जल्द ही जॉइनिंग मिल जाएगी। जब लगातार नौकरी नहीं मिली और पीड़िता ने रुपये वापस मांगे तो उसने बहाने बनाने शुरू कर दिए।
पुलिस का कहना है कि आरोपी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे जेल भेज दिया गया है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि सरकारी नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं और केवल आधिकारिक प्रक्रिया के माध्यम से ही आवेदन करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।