Mallikarjun Kharge (नैनीताल):- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी रैली के बाद रामलीला मैदान में किए गए कथित ‘शुद्धीकरण’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। घटना के करीब एक महीने बाद पुलिस ने मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है और कांग्रेस ने इसे सामाजिक भेदभाव से जोड़ते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
Mallikarjun Kharge: रैली के बाद हुआ था कथित शुद्धीकरण
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आठ अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया था। इसके कुछ दिन बाद इसी स्थान पर कथित तौर पर ‘शुद्धीकरण’ के नाम पर हवन किया गया। इस घटना के सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खरगे के दलित होने की वजह से उन्हें अपमानित करने और सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देने वाली मानसिकता को दर्शाती है।
Mallikarjun Kharge: 80 से ज्यादा शिकायतें मिलने का दावा
मामले ने धीरे-धीरे राजनीतिक रंग ले लिया। पुलिस के मुताबिक, घटना को लेकर उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों से करीब 80 शिकायतें और प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें अकेले नैनीताल जिले से 19 शिकायतें शामिल थीं। इसके बाद हल्द्वानी कोतवाली में शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित शुद्धीकरण में कौन-कौन लोग शामिल थे।
Mallikarjun Kharge: खरगे ने राज्यसभा में भी उठाया था मुद्दा
मामले को लेकर खरगे ने राज्यसभा में भी सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि हल्द्वानी में मंच का शुद्धीकरण किए जाने से उन्हें छुआछूत जैसा महसूस हुआ और उन्होंने इसे अपमानजनक बताया। कांग्रेस ने इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए इसे संविधान की भावना और सामाजिक समानता के खिलाफ बताया था। राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने भी एफआईआर और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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Mallikarjun Kharge: भाजपा ने आरोपों से किया किनारा
वहीं, भाजपा ने कथित शुद्धीकरण कार्यक्रम से किसी भी तरह का आधिकारिक संबंध होने से इनकार किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रूप दे रही है। कार्यक्रम से जुड़े संगठन ने भी कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि हवन धार्मिक भावनाओं और रामलीला मैदान के उपयोग से जुड़ी आपत्तियों के चलते किया गया था।
अब एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस जांच आगे बढ़ेगी। जांच में यह स्पष्ट होगा कि आयोजन के पीछे कौन लोग थे और कथित शुद्धीकरण को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। इस कार्रवाई ने पहले से गरमाए राजनीतिक विवाद को और हवा दे दी है।