महिला सशक्तिकरण: महिला उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर सरकार का फोकस
महिला सशक्तिकरण (देहरादून): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को देश के साथ-साथ वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित मातृशक्ति संवाद एवं सम्मान समारोह के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार से जुड़े प्रयासों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल के आधार पर कई तरह के उत्पाद तैयार कर रही हैं। सरकार का उद्देश्य इन उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए अवसर बढ़ाना है।
महिला सशक्तिकरण: स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने पर जोर
महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने में ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता और डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। केंद्र सरकार की ग्रामीण विकास योजनाओं में भी महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाने, प्रशिक्षण और उद्यमिता को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
उत्तराखंड में ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसे ब्रांड के जरिए राज्य के स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की पहल की गई है। इसके तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर ध्यान दिया जा रहा है।
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महिला सशक्तिकरण: स्थानीय उत्पादों को ‘लोकल से ग्लोबल’ बनाने की कोशिश
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में तैयार होने वाले जैविक खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प, हथकरघा और अन्य स्थानीय उत्पाद महिलाओं और ग्रामीण समुदायों की आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन उत्पादों को बड़े बाजारों से जोड़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार की ओर से ई-कॉमर्स और अन्य बाजार माध्यमों का इस्तेमाल करके स्थानीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से उत्तराखंड के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण: महिला सशक्तिकरण को आर्थिक अवसरों से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की उपलब्धियों और सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने विभिन्न योजनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
सरकार का कहना है कि महिलाओं को केवल सहायता उपलब्ध कराने के बजाय उन्हें उत्पादन, उद्यमिता और बाजार से जोड़ना आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में उत्तराखंड के महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को अधिक व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश जारी रखने की बात कही गई है।