फर्जी मान्यता के दावे और 415 करोड़ की हेरफेर

नई दिल्ली। आतंक का अड्डा बनी फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी (Al-Falah University) पिछले कई दिनों से चर्चा में है। प्रवर्तन निदेशायल (ED) ने मंगलवार की शाम को ही चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार किया था। वहीं, अब यूनिवर्सिटी में करोड़ों की हेराफेरी के सबूत मिले हैं।

ईडी का आरोप है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी और उसे नियंत्रित करने वाले ट्रस्ट ने कम से कम 415.10 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया है। यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले अभ्यार्थियों के माता-पिता को फर्जी मान्यता के दावे करके करोड़ों रुपये हड़पे गए हैं। कोर्ट ने जवाद अहमद को 13 दिन की कस्टडी पर भेजने का आदेश दिया है।

ईडी ने कसा शिकंजा

ईडी ने अदालत के सामने आरोप पत्र दाखिल करते हुए जवाद अहमद की रिमांड की मांग की थी। जवाद को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया है। ईडी मामले की जांच करते हुए अन्य सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है। ईडी ने अल-फलाह ग्रुप के खिलाफ 14 नवंबर को मामला दर्ज किया था, जिसके तहत कार्रवाई करते हुए ईडी ने यह कदम उठाया है।

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