जालंधर :- जालंधर शहर में बीते कुछ दिनों से कर विभाग की टीमों ने कई कारोबारियों पर नजर रखी हुई है और इसी जांच के दौरान अग्रवाल ढाबे के मालिक की मुश्किलें अचानक बढ़ गई हैं। जानकारी के अनुसार ढाबा संचालक पर करीब तीन करोड़ की काली कमाई छिपाने का आरोप सामने आया है। इस आरोप के बाद जीएसटी विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए ढाबा मालिक को केवल बहत्तर घंटे का समय दिया है ताकि वह पूरा हिसाब प्रस्तुत कर सके और अपने लेनदेन की सच्चाई स्पष्ट कर पाए।
मामले की शुरुआत उस समय हुई जब विभाग ने ढाबे की हाल की बिक्री और पुराने रिकार्ड का मिलान किया। जांच के दौरान कई ऐसे बिल मिले जिनमें वास्तविक बिक्री को दर्ज नहीं किया गया था। जीएसटी अधिकारियों का कहना है कि यदि ढाबा मालिक अपनी आय और कर भुगतान का संतोषजनक विवरण नहीं दे पाया तो उसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माने के साथ संपत्ति जब्ती तक की प्रक्रिया भी शामिल हो सकती है।
ढाबा मालिक के नजदीकी लोगों का कहना है कि वह पिछले कई वर्षों से यहां कारोबार चला रहा है और अपने ग्राहकों के बीच अच्छी पहचान रखता है। लेकिन हाल की जांच ने उसके व्यवसाय को गंभीर संकट में डाल दिया है। बताया जा रहा है कि विभाग लगातार उससे दस्तावेज प्रस्तुत करने की मांग कर रहा है और दिए गए समय में ही सभी प्रमाण उपलब्ध कराने होंगे।
स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से व्यापार जगत में एक स्पष्ट संदेश गया है कि कर विभाग किसी भी अनियमितता को हल्के में नहीं लेता। कई छोटे और बड़े कारोबारी अब अपने रिकार्ड की दोबारा जांच कर रहे हैं ताकि उन्हें ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ढाबा मालिक समय सीमा के भीतर अपना पूरा विवरण जमा कर पाता है या नहीं और विभाग आगे क्या कदम उठाता है।