Cong camp’s बिहार:- बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के भीतर आत्मचिंतन का दौर शुरू हो गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और हारने वाले उम्मीदवारों ने कई कारणों को गिनाया है जिनमें राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का फियास्को, कृष्णा अल्लावरु की समस्या और पार्टी के कमजोर संगठन शामिल हैं।
राहुल गांधी की यात्रा का फियास्को
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने मतदाताओं को आकर्षित करने में विफल रही। यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने बेरोजगारी और वोट चोरी जैसे मुद्दों पर जोर दिया लेकिन ये मुद्दे मतदाताओं के बीच गूंजने में विफल रहे ।
कृष्णा अल्लावरु की समस्या
कृष्णा अल्लावरु को बिहार कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किया गया था लेकिन उनके नेतृत्व में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। नेताओं का कहना है कि अल्लावरु ने पार्टी के संगठन को मजबूत करने में विफल रहे और उनकी ‘नॉन-पॉलिटिकल’ शैली ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निराश किया।
कमजोर संगठन
कांग्रेस के कमजोर संगठन को भी हार का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। पार्टी के पास मजबूत जिला और बूथ स्तर की इकाइयां नहीं थीं जिससे पार्टी के लिए मतदाताओं तक पहुंचना मुश्किल हो गया।
आंतरिक मतभेद
कांग्रेस के भीतर आंतरिक मतभेद भी हार का एक कारण रहा। नेताओं का कहना है कि पार्टी के कुछ नेताओं ने अल्लावरु के खिलाफ काम किया और पार्टी के प्रयासों को कमजोर किया।