AAP कार्यकर्ता: दिल्ली हाई कोर्ट का परवेश वर्मा थप्पड़ मामले में बड़ा कदम, पुलिस से मांगी स्थिति रिपोर्ट

AAP कार्यकर्ता: दिल्ली में सड़क निरीक्षण के दौरान एक व्यक्ति को थप्पड़ मारे जाने के आरोप से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस से स्थिति रिपोर्ट मांगी है। मामले में याचिकाकर्ता ने दिल्ली के मंत्री परवेश वर्मा पर मारपीट और थप्पड़ मारने का आरोप लगाया है। याचिका में स्वतंत्र जांच के साथ खुद और अपने परिवार के लिए पुलिस सुरक्षा की भी मांग की गई है। हाई कोर्ट की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद अब पुलिस का जवाब मामले की अगली कार्रवाई में महत्वपूर्ण होगा।

सड़क निरीक्षण के दौरान घटना का आरोप

याचिका के अनुसार, साहिब सिंह 27 सितंबर को पश्चिमी दिल्ली में आउटर रिंग रोड के पास सड़क निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे। वह तिलक नगर के विधायक जरनैल सिंह के साथ निरीक्षण में शामिल थे और पूरी कार्रवाई को मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड कर रहे थे।

साहिब सिंह का आरोप है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद विवाद हुआ और इसी दौरान परवेश वर्मा ने उन्हें थप्पड़ मारा। याचिका में उनके साथ मौजूद अन्य लोगों पर भी मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अभी नहीं आया है।

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AAP कार्यकर्ता: स्वतंत्र जांच और सुरक्षा की मांग

याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट से मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का अनुरोध किया है।

याचिका में यह भी दावा किया गया है कि घटना से जुड़ी रिकॉर्डिंग वाला मोबाइल फोन कथित तौर पर ले लिया गया और क्षतिग्रस्त कर दिया गया। याचिकाकर्ता ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस से मांगी गई स्थिति रिपोर्ट

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सचिन दत्ता के समक्ष हुई। हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। रिपोर्ट में मामले में अब तक हुई कार्रवाई और शिकायत से संबंधित तथ्यों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

वहीं, प्रतिवादी पक्ष की ओर से याचिका की सुनवाई योग्य होने पर आपत्ति भी जताई गई है। हाई कोर्ट ने इस मामले को आगे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

फिलहाल अदालत ने आरोपों पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। मामले में पुलिस की रिपोर्ट और आगे की न्यायिक कार्यवाही के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत पर जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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