Up registery news :- लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री से जुड़े स्टांप शुल्क के नियमों को लेकर एक महत्वपूर्ण शासनादेश सामने आया है। उत्तर प्रदेश शासन के स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2 की ओर से 29 जुलाई 2025 को जारी अधिसूचना में भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की धारा 9 के अंतर्गत पहले जारी अधिसूचना में संशोधन किया गया है।
शासनादेश संख्या 13/2025/914/94-2-2025-700(76)/2024 के अनुसार, पूर्व अधिसूचना में जहां कहीं भी ‘दस लाख’ शब्द लिखा था, वहां उसके स्थान पर ‘एक करोड़’ शब्द प्रतिस्थापित कर दिया जाएगा।
क्या है सरकार का नया आदेश?
जारी अधिसूचना के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने सामान्य खंड अधिनियम, 1897 की धारा 21 के साथ पठित भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की धारा 9 की उपधारा (1) के खंड (क) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह संशोधन किया है।
यह बदलाव 23 फरवरी 2006 को जारी पूर्व सरकारी अधिसूचना में किया गया है। इसका उद्देश्य संबंधित अधिसूचना में निर्धारित राशि की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये करना है।
Up registery news क्या एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति पर स्टांप शुल्क नहीं लगेगा?
इस आदेश को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें सीधे तौर पर यह नहीं लिखा है कि एक करोड़ रुपये तक की सभी जमीनों और संपत्तियों की रजिस्ट्री स्टांप शुल्क से मुक्त होगी।
Up registery news अधिसूचना में केवल पूर्व आदेश में लिखे ‘दस लाख’ शब्द को ‘एक करोड़’ से बदलने का निर्देश दिया गया है। यह बदलाव किस प्रकार के दस्तावेजों, लेन-देन या विशेष छूट पर लागू होगा, इसे समझने के लिए वर्ष 2006 की मूल अधिसूचना और उससे संबंधित नियमों को देखना आवश्यक है।
इसलिए जमीन खरीदने या रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि अब प्रत्येक संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क नहीं देना पड़ेगा।
Up registery news शासनादेश किसने जारी किया?
यह अधिसूचना उत्तर प्रदेश शासन के स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2 द्वारा जारी की गई है। आदेश पर प्रमुख सचिव अमित गुप्ता का नाम अंकित है। इसकी तारीख 29 जुलाई 2025 है।
आदेश में राजकीय मुद्रणालय को अधिसूचना प्रकाशित करने तथा संबंधित विभागों को इसकी प्रतियां उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

up registery news जमीन खरीदने वालों के लिए क्या जरूरी है?
यदि आप उत्तर प्रदेश में जमीन, मकान या अन्य अचल संपत्ति की रजिस्ट्री कराने जा रहे हैं, तो रजिस्ट्री से पहले संबंधित उपनिबंधक कार्यालय या स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग से इस संशोधन की लागू होने वाली श्रेणी की पुष्टि कर लें।
स्टांप शुल्क की वास्तविक देयता संपत्ति के प्रकार, दस्तावेज की प्रकृति और लागू नियमों पर निर्भर करती है। केवल इस अधिसूचना के आधार पर सभी संपत्तियों को शुल्कमुक्त मानना उचित नहीं होगा।
उत्तर प्रदेश शासन की 29 जुलाई 2025 की अधिसूचना में संबंधित पुराने आदेश की राशि सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये किया गया है। हालांकि, इसे सभी जमीनों और संपत्तियों की रजिस्ट्री पर पूर्ण स्टांप शुल्क माफी कहना अधिसूचना के उपलब्ध पाठ से प्रमाणित नहीं होता।