Honey Singh Summons: हनी सिंह की बढ़ीं मुश्किलें, महाराष्ट्र साइबर ने 16 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया
(मुंबई): मशहूर रैपर और सिंगर यो यो हनी सिंह एक बार फिर कानूनी विवाद को लेकर चर्चा में हैं। महाराष्ट्र साइबर ने उन्हें कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में पूछताछ के लिए नया समन जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक, हनी सिंह को 16 अक्टूबर 2026 को जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। इससे पहले भी उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह निर्धारित तारीख पर उपस्थित नहीं हुए थे।
कॉन्सर्ट में कथित टिप्पणी से जुड़ा है मामला
यह मामला दिल्ली में आयोजित एक कॉन्सर्ट के दौरान हनी सिंह की कथित टिप्पणी से जुड़ा है। कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद उनकी टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। शिकायत मिलने के बाद महाराष्ट्र साइबर ने मामले की जांच शुरू की और गायक को पूछताछ के लिए समन भेजा।
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कार्यक्रम के दौरान कही गई बातों के संबंध में शिकायत में लगाए गए आरोपों के तथ्य क्या हैं। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
Honey Singh Summons: पहले भी समन पर पेश नहीं हुए थे सिंगर
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हनी सिंह इससे पहले जारी समन पर भी महाराष्ट्र साइबर के सामने पेश नहीं हुए थे। उन्होंने जांच एजेंसी से पेश होने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। अब उन्हें 16 अक्टूबर की नई तारीख दी गई है।
रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि यदि वह इस बार भी पेश नहीं होते हैं, तो अधिकारी उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, LOC जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
हनी सिंह ने मांगी थी माफी
विवाद सामने आने के बाद हनी सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि वायरल क्लिप के कारण लोगों को ठेस पहुंची और उनकी मंशा किसी का अपमान करने की नहीं थी। उन्होंने अपनी अभिव्यक्ति के तरीके पर खेद भी जताया था।
अब महाराष्ट्र साइबर की पूछताछ में इस मामले से जुड़े तथ्यों और शिकायत के पहलुओं पर सवाल किए जा सकते हैं। जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी।
Honey Singh Summons: 16 अक्टूबर की तारीख पर टिकी नजरें
हनी सिंह को अब 16 अक्टूबर को जांच अधिकारी के सामने उपस्थित होना है। इस मामले में उनकी पेशी और जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी। फिलहाल उन्हें समन जारी किया गया है; इसे किसी अपराध में दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
सोर्स: ANI