AIFF’s ISL crisis नई दिल्ली:- भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आश्वासन दिया है कि इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) सीजन आयोजित किया जाएगा जिससे भारतीय फुटबॉल के भविष्य को लेकर चल रही अनिश्चितता समाप्त हो सकती है। सरकार ने कहा है कि वह खिलाड़ियों और क्लबों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी। आईएसएल के आयोजन को लेकर चल रही अनिश्चितता के बीच सरकार का यह आश्वासन एक सकारात्मक कदम है। आईएसएल के आयोजन के लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक बयान जारी किया है जिसमें कहा गया है कि वह आईएसएल के आयोजन के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
आईएसएल के आयोजन में आ रही बाधाएं
आईएसएल के आयोजन में कई बाधाएं आ रही हैं जिनमें से एक है आईएसएल के लिए कोई बिडर नहीं मिलना। इसके अलावा आईएसएल के आयोजन के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की कमी भी एक बड़ी समस्या है।
सुप्रीम कोर्ट की भूमिका
सुप्रीम कोर्ट ने आईएसएल के आयोजन के लिए एक समिति का गठन किया है जिसकी अध्यक्षता जस्टिस एल. नागेश्वर राओ कर रहे हैं। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आईएसएल के आयोजन के लिए एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है जिसमें आईएफएफ की स्वायत्तता और बिडर्स के हितों का ध्यान रखा जाए।