मतदाता पुनरीक्षण अभियान में बढ़ी पारदर्शिता प्रशासन ने तैयार की नई रणनीति

नई दिल्ली :- गहन मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक का प्राथमिक उद्देश्य एसआइआर से जुड़ी किसी भी प्रकार की गलतफहमी को दूर करना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना था। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस पुनरीक्षण अभियान में किसी भी स्तर पर भ्रम की स्थिति नहीं रहने दी जाएगी और हर कदम पर प्रशासन की प्रतिबद्धता दिखाई देगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि बूथ लेवल आफिसर प्रत्येक मतदाता के दरवाजे तक पहुंचकर विवरण का सत्यापन करेंगे और नए मतदाताओं का पंजीकरण भी सुनिश्चित करेंगे। बीएलओ को दिए गए निर्देशों में यह भी शामिल है कि वे प्रत्येक घर में उपलब्ध सूचनाओं को सावधानीपूर्वक दर्ज करें ताकि कोई भी नाम गलती से न छूटे और किसी योग्य व्यक्ति का मतदान अधिकार प्रभावित न हो। यह घर घर पहुंचने की प्रक्रिया मतदाता सूची की गुणवत्ता को और मजबूत बनाएगी।

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी इस बैठक में भाग लेकर अपने सुझाव रखे। उन्होंने प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि मतदाता सूची किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रीढ़ होती है और इसका सही होना बेहद आवश्यक है। जिलाधिकारी ने सभी दलों से सहयोग की अपील की ताकि अभियान में व्यावहारिक चुनौतियों को आसानी से पार किया जा सके।

बैठक में यह भी तय किया गया कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी और विशेष टीमों को इस कार्य के लिए नियुक्त किया जाएगा। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बीएलओ को विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है जिससे वे तकनीकी और प्रशासनिक दोनों पहलुओं को बेहतर ढंग से संभाल सकें।

यह गहन मतदाता पुनरीक्षण केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि लोकतंत्र की मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मतदान सूची का सटीक और अद्यतन होना चुनावों की विश्वसनीयता बढ़ाता है और प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकार का सही उपयोग करने का अवसर प्रदान करता है।

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