नेपाल :- नेपाल में होने वाले आम चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को तेजी से मजबूत किया जा रहा है। हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला था जिसके चलते प्रशासन को कर्फ्यू लागू करना पड़ा था। अब स्थिति में सुधार आने के बाद कई क्षेत्रों से कर्फ्यू हटा लिया गया है लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता अभी भी बरकरार है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद द्वारा चुनावों के दौरान सेना तैनात करने की सिफारिश इस बात का संकेत है कि सरकार किसी भी प्रकार के अवांछित घटनाक्रम को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है।
गृह मंत्रालय ने एकीकृत सुरक्षा योजना को मंजूरी देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि मतदान के हर चरण को उच्चतम सुरक्षा दायरे में रखा जाएगा। इस योजना के तहत प्रत्येक जिले के मतदान केंद्रों पर पुलिस बल के साथ साथ आवश्यकतानुसार अर्धसैनिक बल तथा सेना की तैनाती की जाएगी। इस संयुक्त सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य मतदाताओं में भरोसा पैदा करना और उन्हें सुरक्षित वातावरण में मतदान का अवसर प्रदान करना है। चुनाव आयोग की ओर से भी लगातार सुरक्षा से जुड़े निर्देश जारी किए जा रहे हैं ताकि मतदान प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों से चुनावी गतिविधियों की पल पल निगरानी की जाएगी। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे जा रहे हैं। चुनावी रैलियों और सभाओं पर भी विशेष नजर रखी जाएगी ताकि भीड़ के दौरान किसी भी प्रकार की अशांति न पैदा हो।
नेपाल के मतदाताओं के लिए यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है और सरकार का प्रयास है कि वे बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें। कर्फ्यू हटने के बाद सामान्य जीवन धीरे धीरे पटरी पर लौट रहा है और उम्मीद की जा रही है कि बढ़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था के चलते चुनाव शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न होंगे।