शिमला (हिमाचल प्रदेश):- दुबई एयर शो में हुए तेजस विमान हादसे ने पूरे देश को गहरा आघात पहुंचाया है। इस दुर्घटना में शहीद हुए पायलट हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के रहने वाले थे और उनका निधन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बन गया है। भारतीय वायुसेना के इस जांबाज पायलट ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अंतिम सांस तक देश सेवा की भावना को सर्वोपरि रखा। घटना के बाद हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गहरा दुख प्रकट किया और कहा कि प्रदेश ने अपने एक बहादुर बेटे को खो दिया है।
तेजस विमान भारतीय तकनीक और कौशल का प्रतीक रहा है और यह हादसा उस समय हुआ जब विमान एयर शो की तैयारी के दौरान अभ्यास कर रहा था। अचानक आई तकनीकी समस्या से विमान नियंत्रण में नहीं रह पाया और कुछ ही क्षणों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पायलट ने अंतिम क्षणों तक विमान को सुरक्षित दिशा में मोड़ने की कोशिश की लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनकी बहादुरी इस तथ्य से झलकती है कि उन्होंने अपनी जान की चिंता किए बिना आसपास के क्षेत्र को बचाने की प्राथमिकता रखी।
हिमाचल में उनके घर पर मातम का माहौल है। परिवारजन लगातार इस उम्मीद में थे कि वह सुरक्षित लौटेंगे लेकिन शाम होते होते यह उम्मीद दर्दनाक सच्चाई में बदल गई। ग्रामीणों ने बताया कि पायलट हमेशा से ही देश सेवा का सपना देखते थे और बचपन से ही आसमान में उड़ने की चाह रखते थे। उनकी लगन और समर्पण ने उन्हें भारतीय वायुसेना का एक उत्कृष्ट अधिकारी बनाया।
दुर्घटना के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। सरकारी स्तर पर उचित सम्मान के साथ उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए लाया जाएगा। लोग उन्हें एक वीर योद्धा के रूप में याद कर रहे हैं और उनकी शहादत को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा माना जा रहा है। देश हमेशा उनके साहस और योगदान को सम्मानपूर्वक याद रखेगा।