नई दिल्ली :- दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े गए हथियारों के बड़े जखीरे ने यह साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय अवैध नेटवर्क लगातार भारत की सुरक्षा को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी और भारी मात्रा में हथियारों की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। पुलिस को पहले गोपनीय सूचना मिली थी कि कुछ गिरोह सीमा पार से अवैध हथियार भारत में पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद विशेष दल सक्रिय हुआ और कई दिनों की निगरानी तथा जमीनी जांच के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोग लंबे समय से अवैध व्यापार में शामिल थे और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर अपने पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। यह भी सामने आया है कि इन लोगों को बाहरी देशों से सहायता और दिशा निर्देश मिल रहे थे। ऐसे नेटवर्क न केवल देश की आंतरिक शांति को खतरा पहुंचाते हैं बल्कि युवाओं को गलत राह पर ले जाने की कोशिश भी करते हैं। इसलिए इस तरह की कार्रवाई देश की सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि बरामद हथियारों में कई प्रकार की पिस्तौल देशी कट्टे और जिंदा कारतूस शामिल थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन हथियारों की डिलीवरी किन लोगों को की जानी थी और इनका अंतिम उद्देश्य क्या था। जांच के विस्तार के साथ उम्मीद है कि इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की पहचान भी जल्द होगी। पुलिस इस पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर विषय के रूप में देख रही है और जांच एजेंसियों को सहयोग देने के लिए केंद्र स्तर पर भी बातचीत हो रही है।
यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सजग हैं और किसी भी अवैध गतिविधि को सफल होने नहीं देंगी। यह भी स्पष्ट है कि सीमा पार से आने वाला हर खतरा मजबूती से रोका जाएगा ताकि देश की सुरक्षा और नागरिकों का विश्वास मजबूत बना रहे।