AQM दिल्ली:- दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता के बिगड़ते हालात को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) को और सख्त कर दिया है। आयोग ने 21 नवंबर, 2025 को ग्रैप के नियमों में बदलाव किया है, जिसके तहत अब पहले के मुकाबले अधिक सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
ग्रैप के नए नियमों के तहत, अब स्टेज 3 के तहत लगने वाले प्रतिबंध स्टेज 2 में ही लागू हो जाएंगे। इसका मतलब है कि जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 301-400 के बीच होगा, तो सरकार और निजी कार्यालयों में 50% उपस्थिति के साथ काम करने की अनुमति दी जाएगी जबकि बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे। इसके अलावा निर्माण और डेमोलिशन गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा।सीएक्यूएम ने कहा है कि ये बदलाव वैज्ञानिक अध्ययनों, विशेषज्ञों की सलाह और पिछले अनुभवों के आधार पर किए गए हैं। आयोग ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे इन नए नियमों को तुरंत लागू करें।
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता के बिगड़ते हालात को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी आयोग को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। ग्रैप के नए नियमों के तहत, दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता के बिगड़ते हालात को देखते हुए कई सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे। इनमें निर्माण और डेमोलिशन गतिविधियों पर प्रतिबंध सरकारी और निजी कार्यालयों में 50% उपस्थिति और वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध शामिल हैं।