नई दिल्ली :- भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा संकेतों ने देश के पूर्वी तटों पर रहने वाले लाखों लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विभाग के अनुसार मलेशिया और मलक्का स्ट्रेट के आसपास बना निम्न दबाव का क्षेत्र तेजी से सक्रिय होता दिख रहा है और यह तंत्र लगातार बंगाल की खाड़ी की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि यह प्रणाली इसी गति से मजबूत होती रही तो आने वाले दिनों में इसके चक्रवात में बदलने की संभावना भी बढ़ सकती है जिससे तटीय राज्यों में व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
निम्न दबाव का क्षेत्र धीरे धीरे ऊर्जा हासिल कर रहा है और समुद्र की ऊष्मा के कारण इसकी तीव्रता में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस तरह के मौसम तंत्रों में अक्सर भारी वर्षा तेज हवाएं और समुद्री उफान जैसे हालात उत्पन्न हो जाते हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मछुआरे फिलहाल समुद्र में न जाएं और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग सतर्कता बनाए रखें क्योंकि समुद्र में लहरों की ऊंचाई अचानक बढ़ सकती है।
पूर्वी तट के राज्यों में प्रशासन हाई अलर्ट पर है। बंगाल ओडिशा तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। गांवों में लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं और निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। कई जिलों में स्कूलों को भी परिस्थिति के आधार पर बंद करने पर विचार किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी की स्थिति न बने।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह प्रणाली पूरी तरह चक्रवात में परिवर्तित होती है तो इससे भारी बारिश और तेज हवा जैसी स्थितियां बन सकती हैं जो समुद्री तथा तटीय इलाकों में जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं। फिलहाल सभी की नजरें मौसम विभाग के अगले अपडेट पर टिकी हुई हैं और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि यह तंत्र अधिक गंभीर रूप न ले सके।