अयोध्या(उत्तर प्रदेश):- अयोध्या धाम एक बार फिर अद्भुत और अविस्मरणीय क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। दिव्य राममंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को ध्वजारोहण करेंगे और यह पल देशभर के सनातनधर्मियों के लिए आस्था और गर्व का एक नया अध्याय जोड़ देगा। रामलला के प्राकट्य स्थल पर भव्य मंदिर निर्माण के साथ यह समारोह एक ऐसा पड़ाव माना जा रहा है जो पीढ़ियों तक स्मरण रखा जाएगा। माता सरयू के तट पर स्थित यह पवित्र धाम हमेशा से भक्तों की आस्था का केंद्र रहा है और अब इस आयोजन के बाद इसका महत्व और अधिक बढ़ने वाला है।
ध्वजारोहण का यह अवसर राममंदिर के वैभव का प्रतीक बनकर सामने आएगा। मंदिर का शिखर सुगंधित पुष्पों के बीच सजाया गया है और परिसर में आध्यात्मिक संगीत की मधुर ध्वनि गूंज रही है। श्रद्धालु दूरदराज के राज्यों से अयोध्या पहुंच रहे हैं ताकि इस अद्वितीय अवसर के साक्षी बन सकें। स्थानीय जन भी इस ऐतिहासिक क्षण को लेकर अत्यंत उत्साहित हैं। शहर के प्रमुख मार्गों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है और रामकथा के विभिन्न प्रसंगों को सुंदर झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया जा रहा है।
यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि सांस्कृतिक एकता की प्रेरणादायक मिसाल भी है। देशभर के संत महात्मा विद्वान और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग इस समारोह में शामिल होने के लिए उत्सुक हैं। सभी के मन में एक ही भावना है कि यह क्षण केवल अयोध्या का नहीं बल्कि पूरे देश की आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है।
भक्तों का मानना है कि राममंदिर के शिखर पर लहराने वाला ध्वज नयी ऊर्जा और सकारात्मक विचारों को जन्म देगा। यह ध्वज सनातन संस्कृति की अटूट परंपरा और अनगिनत वर्षों की तपस्या का प्रतीक बनेगा। आने वाले समय में यह दिन उन महत्वपूर्ण तिथियों में गिना जाएगा जिन्होंने भारतीय आस्था को नए आयाम दिए हैं।