नई दिल्ली :- वैश्विक अर्थव्यवस्था की बदलती परिस्थितियों के बीच सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। आज भी इन कीमती धातुओं का रुख कमजोर रहा और निवेशकों की चिंताएं और गहरी हो गईं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती ने इन धातुओं की आकर्षण शक्ति को काफी प्रभावित किया है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है तब सोने और चांदी का मूल्य नीचे आ जाता है क्योंकि निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में डॉलर को प्राथमिकता देते हैं।
घरेलू बाजार में भी इसका सीधा असर दिखाई दे रहा है। कई शहरों के प्रमुख सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में आज हल्की लेकिन लगातार दूसरी दिन गिरावट दर्ज की गई। चांदी भी इसी रुझान का पालन करती हुई नीचे आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल वैश्विक व्यापार माहौल अनिश्चित है और डॉलर की मजबूती निकट भविष्य में बनी रह सकती है जिससे सोने और चांदी की कीमतें और दबाव में आ सकती हैं।
निवेशकों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि क्या यह गिरावट अस्थायी है या फिर लंबे समय तक बने रहने वाली है। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि जैसे ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक स्थिरता दिखाई देगी तब सोने और चांदी में फिर से तेजी आ सकती है। हालांकि कई जानकार यह भी बताते हैं कि आने वाले दिनों में अमेरिकी वित्तीय नीतियों के फैसले इन धातुओं के भविष्य को तय करेंगे।
खुदरा खरीदारों की ओर से भी फिलहाल उत्साह कम देखा जा रहा है क्योंकि वे कीमतों में और गिरावट की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं ज्वैलरी कारोबारियों के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण बना हुआ है क्योंकि खरीदारी का दबाव कम है। कुल मिलाकर बाजार में सावधानी का माहौल है और निवेशक परिस्थितियों पर नजर रखकर ही निर्णय ले रहे हैं। ऐसे समय में बाजार की हर छोटी बड़ी हलचल इन कीमती धातुओं के रुझान को प्रभावित कर सकती है और निवेशक लगातार अपडेट का इंतजार कर रहे हैं।