गुवाहाटी (असम):- दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी में मिली करारी शिकस्त ने भारतीय टीम के प्रशंसकों को गहरी निराशा में डूबो दिया है। मेजबान टीम को चार सौ आठ रन के विशाल अंतर से हार झेलनी पड़ी जो हाल के वर्षों में मिली सबसे शर्मनाक पराजयों में से एक मानी जा रही है। दो मैचों की इस श्रृंखला में भारत को शून्य दो से क्लीन स्वीप का कड़वा अनुभव हुआ जिससे समर्थकों में आक्रोश और बढ़ गया।
मैच के बाद गुवाहाटी स्टेडियम के बाहर माहौल तनावपूर्ण हो गया और नाराज प्रशंसकों ने हेड कोच गौतम गंभीर के खिलाफ जोरदार नारे लगाने शुरू कर दिए। लोग गौतम गंभीर हाय हाय के नारे लगाते हुए टीम की तैयारी रणनीति और मानसिक मजबूती पर सवाल उठाते रहे। समर्थकों का कहना है कि टीम का खेल बिल्कुल बिखरा हुआ दिखा और किसी भी चरण में भारतीय खिलाड़ियों ने अपेक्षित संघर्ष नहीं दिखाया।
विश्लेषकों का मानना है कि टीम इंडिया इस श्रृंखला में संतुलन और लय दोनों ही मोर्चों पर कमजोर दिखी। बल्लेबाजी क्रम लचर साबित हुआ जबकि गेंदबाजी में शुरुआती overs से ही पैठ बनाने में असफलता रही। कई विशेषज्ञ यह भी कह रहे हैं कि खिलाड़ियों के चयन में पर्याप्त सोच नहीं दिखाई दी और स्थानीय परिस्थितियों का सही उपयोग भी नहीं हो सका।
निराश प्रशंसकों का यह भी कहना है कि भारत जैसी मजबूत टीम से ऐसी हार की उम्मीद नहीं की जा सकती और कोच को इस नतीजे की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। हालांकि कुछ पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि किसी एक व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा क्योंकि टीम खेल में कई स्तरों पर बेहतर काम की आवश्यकता होती है।
गौतम गंभीर ने हालांकि किसी भी आरोप पर प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन बोर्ड के भीतर इस प्रदर्शन पर गंभीर चर्चा होने की संभावना बढ़ गई है। आने वाले समय में टीम संयोजन प्रशिक्षण ढांचे और रणनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं क्योंकि यह हार भारतीय क्रिकेट के लिए एक गहरी चेतावनी बनकर सामने आई है।