व्हाइट हाउस के पास फायरिंग करने वाला रहमानुल्लाह कौन था घटना ने खड़ी कर दी बड़ी सुरक्षा चुनौती

वाशिंगटन (अमेरिका):- अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के पास हुई फायरिंग ने पूरे देश को हिला दिया। इस हमले में दो जवान घायल हुए और सुरक्षाबलों ने हमलावर को तुरंत काबू कर लिया। इस पूरे प्रकरण के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठने लगा कि आखिर यह रहमानुल्लाह कौन था और उसके खतरनाक कदम के पीछे क्या मंशा थी।

 

रहमानुल्लाह लकनवाल अफगानिस्तान का नागरिक था जो कुछ वर्ष पहले ऑपरेशन एलाइज वेलकम के तहत अमेरिका पहुंचा था। इस कार्यक्रम के माध्यम से अफगान नागरिकों को तालिबान शासन से बचाने के लिए अमेरिका में शरण दी गई थी। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार रहमानुल्लाह को अमेरिका में बसाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और सामान्य जीवन जीने के लिए उसे सभी आवश्यक सुविधाएं भी दी गई थीं। इसके बावजूद उसका अचानक हिंसक रास्ता अपनाना सुरक्षा एजेंसियों को चौंकाने वाला लगा है।

घटना के दिन वह हथियार लेकर व्हाइट हाउस के निकट क्षेत्र में पहुंचा और अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं। वहां मौजूद सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की और स्थिति को नियंत्रित कर लिया। जांच में यह सामने आया है कि रहमानुल्लाह लंबे समय से मानसिक तनाव और सामाजिक असुरक्षा से जूझ रहा था। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वह किसी संगठन से जुड़ा था या उसके कदम के पीछे कोई संगठित साजिश थी।

 

अमेरिकी जांच एजेंसियां अब उसकी पृष्ठभूमि डिजिटल गतिविधियों और पिछले संवादों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं ताकि यह समझा जा सके कि आखिर उसे इतना बड़ा कदम उठाने के लिए किसने प्रेरित किया। घटना के बाद अमेरिका में शरणार्थियों की सुरक्षा जांच प्रक्रिया को लेकर नई बहस शुरू हो गई है और विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए और मजबूत निगरानी जरूरी है।

यह घटना इस बात की कड़ी चेतावनी है कि सुरक्षा व्यवस्था को किसी भी स्तर पर ढीला नहीं किया जा सकता और हर संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत प्रतिक्रिया देना आवश्यक है ताकि नागरिकों और सुरक्षा बलों को सुरक्षित रखा जा सके।

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